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नवरात्रि में पर्यावरण को शुद्ध करने के संकल्प के साथ "एक पेड़ मां के नाम" का अनावरण किया।

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नवरात्रि में पर्यावरण को शुद्ध करने के संकल्प को ले एक पेड मां के नाम का अनावरण किया। नई दिल्ली।सर्व चिंतन फाउंडेशन (पंजी.)के तत्वावधान में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर पर्यावरण के शुद्धिकरण को लेकर एक पेड़ मां के नाम का अनावरण महाराज अग्रसेन पार्क कश्मीरी गेट दिल्ली में किया गया।इस वृक्षारोपण कार्य में सैकड़ों लोगों ने एक वृक्ष मां के नाम पर लगाया।  संरक्षक सुमन गुप्ता ने कहा,कि बढते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पूरे देश के 140 करोड़ लोगों को पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए ना केवल एक पौधा लगाना है, बल्कि पौधे को युवावस्था तक आने में उसकी प्रतिदिन सिंचाई भी अपने पुत्र पुत्री की तरह करनी है।माता के पावन नवरात्रों में इस प्रकार का आयोजन करने अपनी माता के साथ साथ जगतजननी माता भी प्रसन्न रहेगी।  फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय वर्मा ने कहा,कि इस प्रकार का अभियान अब प्रतिमाह चलेगा, जिसमें राजधानी दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर 101 पौधे लगाकर उनको प्रतिदिन जल देने की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।इस अवसर पर संस्था के संजय जैन, विनोद वर्मा, राकेश गुप्ता, राजी...

वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी को विनम्र श्रद्धांजलि- #rjspbh

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वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री अनूप चौधरी को विनम्र श्रद्धांजलि. वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री अनूप चौधरी  सांसारिक यात्रा पूर्ण करके 25 मार्च  को प्रभु के चरणों में लीन हो गए।  दिवंगत अनूप चौधरी के अंतिम संस्कार   27 मार्च को रोहतक  में    भावपूर्ण विन्रम श्रद्धांजलि  देने को लिए अनेकों पत्रकार शामिल हुए । स्वर्गीय अनूप चौधरी जी पैतृक स्थान  बालंद रोहतक के निवासी रहे उनका कर्म क्षेत्र फरीदाबाद से सम्पन्न किया । जिसमें मुख्यत मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट  के राष्ट्रीय अध्यक्ष  संजय राठी , वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय  महामंत्री नरेंद्र भंडारी , राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना,  चंडीगढ़ के पत्रकार  बलदेव मल्होत्रा और फरीदाबाद से आए पत्रकार राकेश कश्यप अजय चौधरी संदीप सिद्धार्थ विजेंद्र अहलावत, अजय वर्मा, दीपक शर्मा, सतबीर सरवारी ,अजयदीप अन्य शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए प्रार्थना करते  हु...

Indian Journal of Democratic Governance covers sustainability, innovation, empowermentVice President of India praises initiative by Rambhau Mhalgi Prabodhini’s IIDL in promoting research.

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Indian Journal of Democratic Governance covers sustainability, innovation, empowerment Vice President of India praises initiative by Rambhau Mhalgi Prabodhini’s IIDL in promoting research. Mumbai: 25th March: Good governance is the backbone of a prosperous society. India, as the largest democracy in the world on the march to becoming a developed country, has ancient democratic and holistic governance traditions, which need to be revived and combined with modern tools for the welfare of all. Rambhau Mhalgi Prabodhini (RMP) has been trying to play its role in aiding this through capacity building, training, social awareness and research. Towards this end, the Indian Institute of Democratic Leadership, set up by RMP, conducts a postgraduate program and various workshops, and publishes the six-monthly research publication – Indian Journal of Democratic Governance (IJDG). RMP’s efforts in promoting research through this journal were recently appreciated by Shri. Jagdeep Dhankhar...

Positive Media Bharat-uday Global Movement (03) शहीद भगत सिंह की कविता

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Positive Media Bharat-uday Global Movement (03) शहीद भगत सिंह की कविता  भगत सिंह ने यह कविता मार्च 1931 में लिखी थी, उनकी शहादत पर यह नज़्म समर्पित है....... उसे यह फ़िक्र है हरदम, नया तर्जे-जफ़ा क्या है? हमें यह शौक देखें, सितम की इंतहा क्या है? दहर से क्यों खफ़ा रहे, चर्ख का क्यों गिला करें, सारा जहाँ अदू सही, आओ मुकाबला करें। कोई दम का मेहमान हूँ, ए-अहले-महफ़िल, चरागे सहर हूँ, बुझा चाहता हूँ। मेरी हवाओं में रहेगी, ख़यालों की बिजली, यह मुश्त-ए-ख़ाक है फ़ानी, रहे रहे न रहे।.........

Positive Media Bharat -uday Global Movement: (02)भैटोली गीत चैत्र मास की ख़ूबसूरती को दर्शाता है। # Upreti sisters

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Positive Media Bharat -uday Global Movement: (02)भैटोली गीत चैत्र मास की ख़ूबसूरती को दर्शाता है।  # Upreti sisters चैत्र मास की संक्रांति से ही ऋतुगीत गाये जाते हैं, जिसे चैती कहा जाता है। ससुराल में रहने वाली चेली/ बेटी को जब ऋतु सुनाने के लिये, ढोली/ दास/औजी लोग घर घर आते हैं तो इन लोकगीतों को ऋतुगीतों को सुनकर मायके की याद में मन द्रवित हो जाता है और मायके के सभी लोगों को याद करके भैटोली की आस में मन प्रतीक्षारत हो जाता है। उत्तराखंड में चैत महीने में ससुराल में रहने वाली बेटियों को उनके मायके से उपहार स्वरूप पकवान व नेग दिया जाता है जिसे भैटोली कहा जाता है। भैटोली में मायके के लोगों से मिलन की सुखद अनुभूति और उनकी याद की विरह अनुभूति का अद्भुत संयोग होता है, जहाँ ख़ुशी और याद दोनों ही अनुभूति में आँखों से अविरल आँसू बहते हैं।  चैत्र मास में चारों तरफ़ बसंत की बहार होती है सारी धरती  रंग बिरंगे फूलों से सज जाती है, और फूलदेई, होली और भिटोलि त्योहार धूम धाम से मनाए जाते हैं।आनंदपूर्वक चैत मास में, बसंत ऋतु में भैटोली गीत और रितुगीत गाये जाते हैं। ...

Positive Media Bharat-Uday Global Movement (01): चीते के जबड़े से बेटे को बचा लाई मां, करीब 10 मिनट तक लड़ी, बच्चे को लगे 120 टांके. RJS PBH

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Positive Media Bharat-Uday Global Movement (01): चीते के जबड़े से बेटे को बचा लाई मां, करीब 10 मिनट तक लड़ी, बच्चे को लगे 120 टांके.            RJS PBH  नई दिल्ली (सौ.bharat Khabar24) मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक मां ने ऐसा काम किया, जिससे सभी हैरान हैं। उमरीकला गांव में एक चीते ने नौ साल के बच्चे पर हमला कर दिया। लेकिन बच्चे की मां ने डरने की बजाय अपनी जान जोखिम में डालकर अपने बेटे को उस जानवर के जबड़े से बचा लिया। श्योपुर में विजयपुर के पास उमरीकला गांव में घर पर खेल रहे एक बच्चे पर चीता ने हमला कर दिया।नौ साल का अविनाश उर्फ निर्मल धाकड़ शाम 6:30 बजे अपने घर की बाउंड्री के पास खेल रहा था और उसकी मां मवेशियों को चारा डाल रही थी। इस दौरान चीता आया और उसने बच्चे पर हमला कर दिया। बता दें कि चीते ने बच्चे की गर्दन और चेहरे को अपने जबड़े में दबा लिया। तभी बच्चा चिल्लाया तो मां की नजर बच्चे पर पड़ी। मां दौड़ती हुई गई और चीते के जबड़े में हाथ डाल दिया। एक तरफ चीता बच्चों को खींचने में लगा था तो दूसरी ओर मां अपने बच्चे को किसी भी कीमत पर बचान...

शहीद दिवस पर आरजेएस कार्यक्रम में "आजादी और अनुशासन" पर दीदेवार प्रश्नोत्तरी आयोजित हुआ

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शहीद दिवस पर आरजेएस  कार्यक्रम में "आजादी और अनुशासन" पर दीदेवार प्रश्नोत्तरी आयोजित हुआ  आरजेएस के कार्यक्रम में दीदेवार ने कहा आत्म-अनुशासन: डिजिटल युग में स्वतंत्रता की कुंजी है.  नई दिल्लीः  23 मार्च भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस की स्मृति में आयोजित आरजेएस पीबीएच वेबिनार में  मोटिवेशनल स्पीकर सुरजीत सिंह दीदेवार ने दृढ़ता से  कहा कि आत्म-अनुशासन सच्ची स्वतंत्रता की आधारशिला है, खासकर डिजिटल युग की जटिलताओं से जूझ रहे युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश था। उन्होंने तर्क दिया कि आत्म-शासन, जैसा कि शहीद भगत सिंह के अनुशासित कार्यों में उदाहरण मिलता है, सच्ची स्वतंत्रता है।  राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन व संचालन में दीदेवार जीवन ज्योति के सहयोग से 23 मार्च 2025 को आयोजित 335वें कार्यक्रम में, भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को नागपुर की कवयित्री रति चौबे ने अप...