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सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री तामांग की सरकार में 2115 पुलिसकर्मियों की हुई पदोन्नति. #rjspositivemedia

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सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री तामांग की सरकार में 2115 पुलिसकर्मियों की हुई पदोन्नति. #rjspositivemedia नई दिल्ली, 30जून 2022: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग के लिए 1992 बैच के सिक्किम पुलिस, सिक्किम सशस्त्र पुलिस (एसएपी) और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) के सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) द्वारा एसएपी कैंप, पांगथांग, पूर्वी सिक्किम में एक भव्य धन्यवाद समारोह का आयोजन किया गया, जहां 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर उनका स्वागत किया गया। माननीय मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए अपने भाषण की शुरूआत की और हाल ही में पदोन्नत हुए 167 पुलिस कर्मियों को बधाई दी। साथ ही पूरे पुलिस विभाग की उनकी उपलब्धियों के लिए सराहना करते हुए, उनको पूरी लगन और दक्षता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होनें पुलिस विभाग को उनके उत्थान के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया। उन्होने बताया कि राज्य सरकार ने जांच और पूछताछ के लिए अन्य राज्यों के आधिकारिक दौरों के दौरान अधिकारियों की मदद के लिए विशेष जांच और यातायात प्रबंधन के लिए धन आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि...

सिक्किम का भूटिया समुदाय- वीरेंद्र परमार, #rjspositivemedia report

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सिक्किम का भूटिया समुदाय - वीरेंद्र परमार REPORT- RJS POSITIVE MEDIA  भूटिया तिब्बती मूल के हैं। इन्हें ‘भोटिया’ भी कहा जाता है I इनका मूल निवास स्थान ‘भोट’ (तिब्बत) होने के कारण इन्हें भूटिया कहा जाता है I तिब्बत का प्राचीन भारतीय नाम “भोट” था I इसलिए जो ‘भोट’ अथवा तिब्बत से आया उसे भूटिया कहा गया I 15 वीं शताब्दी के बाद ये लोग सिक्किम में आए । भूटिया मुख्य रूप से सिक्किम के उत्तरी भाग में बसे हुए हैं तथा यहाँ इनकी आबादी कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है I इन्हें लछेनपा, लोपो और लाचुंगपा भी कहा जाता है । भूटिया समुदाय ने अपनी परंपरा, संस्कृति, धर्म आदि के कारण सिक्किम में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनायी है I यह समुदाय अनेक गोत्रों में विभक्त है I येलोग माँसाहारी होते हैं I मांस के साथ चावल इनका नियमित भोजन है I वे फल और सब्जियाँ भी खाते हैं I खाना बनाने के लिए वेलोग पशुओं की चर्बी या मक्खन का उपयोग करते हैं I मोमो और थुकपा (नूडल्स) इनके  अन्य खाद्य पदार्थ हैं । पिता परिवार का मुखिया होता है I परिवार में लड़कियों की कोई निर्णायक भूमिका नहीं होती है I पिता की म...

पूर्वोत्तर भारत के राज्य सिक्किम का लेपचा समुदाय---- वीरेंद्र परमार

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सिक्किम का लेपचा समुदाय- आलेख वीरेंद्र परमार RJS POSITIVE MEDIA REPORT लेपचा सिक्किम का एक महत्वपूर्ण समुदाय है I सिक्किम के अतिरिक्त त्रिपुरा में भी कुछ लेपचा परिवार रहते हैं I सिक्किम में इन्हें ‘रोंगपा’ कहा जाता है I लेपचा लोगों को हिमालय की कठिन तराई में जीवन निर्वाह करने का कौशल ज्ञात है I उनकी मातृभूमि को ‘मएल लाएंग’ के नाम से जानते हैं जिसका अर्थ वास्तव में भगवान का आशीर्वाद है। ऐसा माना जाता है कि 'लेपचा' नेपाली शब्द 'लेपचे' से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ "उलटा बोलनेवाला" है। पहले यह अपमानबोधक उपनाम था, लेकिन अब इसे नकारात्मक नहीं माना जाता है। लेपचा की उत्पत्ति के संबंध में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है । कुछ लोगों का मानना है कि वे म्यांमार, तिब्बत या मंगोलिया में उत्पन्न हुए हैं, लेकिन लेपचा लोग दृढ़ता से मानते हैं कि वे इस क्षेत्र के मूल निवासी हैं। वे तिब्बती- बर्मी भाषा परिवार की भाषा बोलते हैं । इसके आधार पर कुछ नृविज्ञानी मानते हैं कि वे तिब्बत, जापान या पूर्वी मंगोलिया से आए हैं । वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सि...