आरजेएस पीबीएच का गणतंत्र दिवस 23 जनवरी 2026को ,ब्रह्मा कुमारी,ईस्ट पटेल नगर नई दिल्ली में होगा आयोजित. अंतराष्ट्रीय सकारात्मकता महोत्सव पर मीडिया कांफ्रेंस अमृत काल का सकारात्मक भारत -उदय का 518वां कार्यक्रम आयोजित हुआ.

आरजेएस पीबीएच का गणतंत्र दिवस 23 जनवरी को ,ब्रह्मा कुमारी,ईस्ट पटेल नगर नई दिल्ली में होगा आयोजित.
अंतरराष्ट्रीय सकारात्मकता महोत्सव में आरजेएस ग्रंथ 06 का लोकार्पण, मेडिटेशन और मीडिया लिटरेसी वर्कशॉप सर्टिफिकेट का होगा वितरण.
टीफा26 के सदस्य प्रवासी भारतीय नितिन मेहता, एमबीई और नागपुर की कवयित्री रति चौबे व डा.कविता परिहार का होगा आभासी संबोधन.
देवास मध्य प्रदेश के कबीर व लोक गायक कमल मालवीय व सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल, दिल्ली का होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम 
नई दिल्ली: समाधान मूलक पत्रकारिता और आध्यात्मिक-नागरिक समन्वय की दिशा में, 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में  राम जानकी संस्थान (आरजेएस) पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (पीबीएच) द्वारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 129वीं जयंती और बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के ईस्ट पटेल नगर स्थित ब्रह्मकुमारी मेडिटेशन सेंटर में 'अंतरराष्ट्रीय सकारात्मकता महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। 
अतिथियों,मीडियाकर्मियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आरजेएस पीबीएस टीफा26 के पैट्रन दीप माथुर ने कहा कि ये संकल्प वर्ष2026 केवल भावनाएं नहीं हैं, बल्कि लिखित प्रतिबद्धताएं हैं जो पूरे भारत में एक 'सकारात्मक क्रांति' का सूत्रपात करेंगी।
20 जनवरी को आरजेएस पीबीएस के अमृत काल का सकारात्मक भारत -उदय के 517वें संस्करण मीडिया कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और ब्रह्मकुमारी ईस्ट पटेल नगर केंद्र की प्रमुख बीके राजश्री ने मीडिया पेशेवरों को 'आध्यात्मिक मीडिया' अपनाने की सलाह दी, जहाँ ध्यान  के माध्यम से वे अपनी 'दृष्टि' को बदलकर अंततः 'सृष्टि' को बदलने का कार्य कर सकें।उन्होंने तर्क दिया कि मन ही हर बाहरी क्रिया का बीज है। "कोई भी जन्म से अपराधी या प्रदूषक नहीं होता; यह बार-बार आने वाले विचार ही हैं जो क्रिया में बदल जाते हैं।
विशिष्ट अतिथि ब्रह्मकुमारीज के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक बीके सुशांत ने कहा कि आज दुनिया की 90% से अधिक ऊर्जा नकारात्मक है, जो तनाव, युद्ध और पर्यावरणीय क्षरण के रूप में प्रकट हो रही है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि आंतरिक शांति का उपयोग करके पत्रकार वर्तमान 'प्रदूषित' मीडिया परिदृश्य को जनता के लिए एक 'उपचारात्मक' विमर्श में बदल सकते हैं।
आरजेएस पीबीएस -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया के संस्थापक उदय कुमार मन्ना ने कहा, "हम सकारात्मकता के एक दशक से अब संकल्प के एक निर्णायक वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।" 23 जनवरी के अंतरराष्ट्रीय सकारात्मकता महोत्सव के मुख्य अतिथि डा.नितिन शाक्य,आईएएस, और प्रो.(डा.) के जी सुरेश तथा आरजेएस टीफा26 के प्रवासी भारतीय नितिन मेहता ,एमबीई (इंग्लैंड) नेचर के कवि अशोक मलिक , कवयित्री रति चौबे,डा.कविता परिहार भी संबोधित करेंगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना स्वागत गान और देशभक्ति गीत से होगा। देवास मध्य प्रदेश के कबीर व लोक गायक कमल‌ मालवीय व साथी तथा सिल्वर ओक पब्लिक स्कूल,सरूप नगर दिल्ली की प्रिंसिपल निर्मला देवी के मार्गदर्शन में विद्यार्थी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 
लगभग 200 पृष्ठों वाले 'आरजेएस ग्रंथ' के छठे संस्करण के विमोचन की भी घोषणा की गई। इस अवसर इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आरजेएस पीबीएस -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया द्वारा मीडिया गुरु प्रो.(डा.) के जी सुरेश, निदेशक इंडिया हैबिटेट सेंटर के सानिध्य में आयोजित मीडिया लिटरेसी वर्कशॉप का सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।वेबिनार में युवा भागीदारी और मीडिया साक्षरता के माध्यम से पेशे के भविष्य पर भी चर्चा की गई। बिहार के पत्रकारिता छात्र आशीष रंजन ने पैनल से सवाल किया कि युवा पत्रकार व्यावसायिक मांगों और नैतिक संकल्पों के बीच संतुलन कैसे बना सकते हैं ? इसके जवाब में आरजेएस पीबीएच के संरक्षक दीप माथुर ने जोर दिया कि सकारात्मक मानसिकता ही आधुनिक पत्रकारिता की बुनियादी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) होनी चाहिए।
सकारात्मक आंदोलन के मीडिया प्रभारी, प्रखर वार्ष्णेय व साथी कैमरामैन प्रशांत मीडिया सहित ,संतोष कुमार आदि ने सकारात्मक वर्ष को समर्थन देने का संकल्प दुहराया।
टीफा26 के कबीर गायक दयाराम सारोलिया,स्वीटी पाॅल आदि ने संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), विदेश मंत्रालय के कार्यक्रम निदेशक सुनील कुमार सिंह (टीफा26)ने इस आंदोलन को सरकार के 'अमृत काल' विजन के साथ जोड़ने का वादा किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और सरकारी मंत्रालयों को आरजेएस मिशन के करीब लाने का संकल्प लिया। सुनील कुमार सिंह ने कहा, "हमारा संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि 2047 की ओर भारत की यात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक सांस्कृतिक मूल्यों के आंदोलन के रूप में पहचाना जाए।" मीडिया प्रभारी प्रखर वार्ष्णेय ने मीडिया आउटरीच रणनीति का विवरण देते हुए दैनिक भास्कर और अमर उजाला जैसे प्रमुख समाचार पत्रों के साथ समन्वय की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान एक 'पॉजिटिव मीडिया डायलॉग' स्थापित किया जाएगा ताकि हर अतिथि के संकल्पों को रिकॉर्ड और प्रसारित किया जा सके, जिससे वर्ष की प्रतिबद्धताओं का एक स्थायी डिजिटल संग्रह तैयार हो सके। कार्यक्रम के आयोजक उदय कुमार मन्ना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सकारात्मकता महोत्सव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2047 की राह आध्यात्मिक शांति, पत्रकारिता, नैतिकता और प्रशासनिक कार्यवाही के समन्वय से प्रशस्त हो, जिससे भारतीय समाज के हर क्षेत्र में मापने योग्य सकारात्मक बदलाव आए। 

आकांक्षा मन्ना 
हेड क्रिएटिव टीम 
आरजेएस पीबीएस -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया 
9811705015.

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